अफ्रीकी देश में मिलेगा मालिकाना हक: केन्या का उमोजा गांव में सिर्फ 53 महिलाएं ही रहती हैं, अब इन्हीं के चलते महिलाओं के नाम हो सकेगी जमीन

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नैरोबी21 घंटे पहले

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अफ्रीकी देश केन्या की आबादी 5.49 करोड़ है, इनमें 49.9% पुरुष और 50.1% महिलाएं हैं, फिर भी यहां की 98% जमीन पुरुषों के नाम है, लेकिन अब जमीन पर महिलाओं का भी हक होगा।

  • 5.49 करोड़ की आबादी वाले केन्या में 98 फीसदी जमीन पुरुषों के नाम

अफ्रीकी देश केन्या की आबादी 5.49 करोड़ है। इनमें 49.9% पुरुष और 50.1% महिलाएं हैं। फिर भी देश की 98% जमीन पुरुषों के नाम है। पर अब जमीन पर महिलाओं का भी हक होगा। और यह संभव हो सका है उमोजा गांव की बदौलत। 30 साल पहले बने उमोजा गांव में 53 महिलाएं और 200 बच्चे रहते हैं। यहां पुरुषों पर पाबंदी है। इस गांव के बनने की कहानी भी दर्दभरी है।

दरअसल, उत्तरी केन्या में रहने वाली जेन नोलमोंगन के साथ 30 साल पहले एक ब्रिटिश सैनिक ने दुष्कर्म किया तो उनके पति ने उन्हें घर से निकाल दिया। वह छत की तलाश में 8 बच्चों समेत एक ऐसे गांव में बस गईं, जहां कोई पुरुष नहीं था। 1990 में सांबूरू महिलाओं के आश्रय के रूप में बसे उमोजा गांव में दुष्कर्म पीड़िताओं से लेकर, घर से निकाली गई, बाल विवाह या खतने से खुद को बचा कर भागने वाली महिलाएं ठिकाना पाती हैं।

ऐसी ही 15 महिलाओं ने गांव बसाया। फिर आजीविका और बच्चों का पालन-पोषण करने के लिए खेती शुरू की। तीन दशक से खेती कर रहीं 52 साल की जेन बताती हैं- ‘यह गांव ही हमारा सहारा रहा है। हमने अपनी जिंदगी सुधारने के लिए यहां मिलकर काम किया। एक-दूसरे को महिलाओं के अधिकार की महत्ता समझाई है।’

प्रशासनिक ईकाई के प्रमुख हेनरी इन महिलाओं में जमींदारी हासिल करने की पहल को “जागरुकता का उदाहरण’ बताते हैं। कहते हैं- ‘केन्या का कानून पहले से ही हर नागरिक को संपत्ति का बराबर अधिकार देता है। लेकिन परंपरागत रूप से वह केवल बेटों के नाम कर दिया जाता है।

पर उमोजा की महिलाएं उस जमीन पर कानूनी रूप से हक पा सकेंगी, जिसे उन्होंने कई सालों की अपनी बचत और लोगों से मिली दान की रकम से खरीदा है। अगले माह 52 वर्षीय जेन उस खेत की मालकिन होंगी, जिस पर वह 30 सालों से खेती कर रही हैं।

घर और स्कूल का निर्माण भी खुद ही महिलाओं ने किया
स्वाहिली भाषा में ‘उमोजा’ का अर्थ है एकता। इस गांव को रेबेका नाम की महिला ने बसाया था। उन पर खतने का विरोध करने पर पुरुषों ने जानलेवा हमला कर दिया था। अब यहां घर, स्कूल से लेकर क्लीनिक भी है। जिनका निर्माण महिलाओं ने ही किया है।

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