अभियोजन स्वीकृति जारी करने का मामला: दो बार जमानती वारंट जारी होने के बाद भी नहीं पहुंचे अदालत, कोर्ट ने तत्कालीन डिप्टी सेक्रेटरी को गिरफ्तारी वारंट से तलब किया

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कोटा10 मिनट पहले

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न्यायालय ने तामील करवाने के लिए बूंदी एसीबी के एडिशनल एसपी को गिरफ्तारी वारंट भेजा है। मामले पर सुनवाई 10 मार्च को होगी

रिश्वत के मामले में भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय ने अभियोजन पक्ष के गवाह उप शासन सचिव कार्मिक ( क-30 शिकायत) विभाग शासन सचिवालय जयपुर के तत्कालीन डिप्टी सेक्रेटरी राजेश कुमार चौहान को गिरफ्तारी वारंट से तलब किया है। न्यायालय ने उनकी तामील करवाने के लिए बूंदी एसीबी के एडिशनल एसपी को गिरफ्तारी वारंट भेजा है। मामले पर सुनवाई 10 मार्च को होगी। गवाह चौहान ने ट्रेप के एक मामले में बूंदी के डॉक्टर दिनेश कुमार नागर के विरुद्ध अभियोजन स्वीकृति जारी की थी।

मिली जानकारी के अनुसार जनवरी 2013 को परिवादी के भांजे नवीन सोनी के साथ हुई मारपीट हुई थी। मेडिकल मुआयना करने व मेडिकल सही बनाने हेतु डॉक्टर ने 7000 रुपए की मांग की ‌। सौदा 5 हजार में तय हुआ। एसीबी बूंदी की टीम ने 8 जनवरी 2013 को 5 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए डॉक्टर को रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। एसीबी ने मामले में अनुसंधान के बाद आरोपी के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया था । चौहान ने बूंदी के डॉक्टर दिनेश कुमार नागर के विरुद्ध अभियोजन स्वीकृति जारी की थी।

इस मामले में न्यायालय ने गवाही के लिए दो बार तत्कालीन डिप्टी सेक्रेटरी राजेश कुमार चौहान को जमानती वारंट से तलब किया था लेकिन इस वारंट पर उपस्थित नहीं हुए। इस पर न्यायालय ने अब उन्हें गिरफ्तारी वारंट से 10 मार्च को तलब किया है।

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