अवसान: नहीं रहे ‘हम पांच’ जैसे सीरियल्स और’हसीना मान जाएगी’ जैसी फिल्मों के लेखक इम्तियाज पटेल, 57 की उम्र में ली अंतिम सांस

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8 घंटे पहलेलेखक: राजेश गाबा

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एकता कपूर के चर्चित सीरियल ‘हम पांच’ के लेखक इम्तियाज पटेल का शनिवार शाम 4 बजे मुंबई स्थित उनके निवास पर निधन हो गया। वे 57 साल के थे। उनके परिवार में मां, पत्नी, बेटी, बेटा और दो भाई हैं। शनिवार को ही रात 9:30 बजे उन्हें मुंबई के मलाड स्थित कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इम्तियाज मूल रूप से भरुच, गुजरात के रहने वाले थे। मुंबई में वे मलाड इलाके में रहते थे।

सुबह तबियत बिगड़ी, शाम को चल बसे

इम्तियाज पटेल के भतीजे आसिफ पटेल ने दैनिक भास्कर को बताया कि उन्हें पिछले साल स्वाइन फ्लू हुआ था। उसके बाद कोविड हो गया। उससे वे रिकवर हो गए थे। लेकिन पिछले कुछ समय से उनकी तबीयत खराब थी। आज सुबह तबीयत बिगड़ी और शाम 4 बजे उनका इंतकाल हो गया।

गुजराती रंगमंच के लिए नाटक लिखे थे

गुजराती रंगमंच में 100 नाटक लिखने वाले इम्तियाज पटेल ने शो ‘पड़ोसन’ से टीवी के लिए लिखना शुरु किया था। एकता कपूर का प्रोड्यूसर के रुप में यह पहला शो था। इसके बाद इम्तियाज ने टीवी के बहुचर्चित कॉमेडी शो ‘हम पांच’ के लगभग 350 एपिसोड लिखे। साथ ही ‘चमत्कार’, ‘कभी ये कभी वो’ शो भी लिखे। उन्होंने यूनुस सजावल के साथ जोड़ी बनाकर डेविड धवन निर्देशित और गोविंदा, संजय दत्त स्टारर फिल्म ‘हसीना मान जाएगी’ और ‘जोड़ी नंबर 1’, का स्क्रीनप्ले भी लिखा था।

‘इंडिया वाली मां’ में चल रहा था उनका काम : आसिफ

आसिफ बताते हैं, “मेरे पिता के इंतकाल के बाद उन्होंने बेटे की तरह संभाला। वे लिखते थे और मैं उनका प्रोडक्शन संभालता था। उनका ऑब्जर्वेशन बहुत तगड़ा था। उन्होंने मेरा प्रोडक्शन हाउस चालू कराया। वे कहते थे कि मैं लिखता हूं, डायरेक्ट करता हूं , तू मार्केटिंग कर। वे हमेशा दूसरों के बारे में सोचते थे। उनके लिखे 100वें नाटक ‘काका को कुछ-कुछ होता है’ का मंचन भी हुआ था। उनका काम इन दिनों ‘इंडिया वाली मां’ टीवी सीरियल भी चल रहा है।”

डायरेक्टर रूमी जाफरी ने किया याद

जाने-माने फिल्म राइटर और डायरेक्टर रूमी जाफरी ने इम्तियाज के इंतकाल पर दुख जताया। उन्होंने कहा, “इम्तियाज भाई का चले जाना बहुत दुखद है। वे बेहद नेकदिल और खुद्दार इंसान थे। वे उसूलों के पक्के और बेहद धार्मिक थे। नमाज के पाबंद थे। अपनी मां और परिवार से बेहद प्यार करते थे। मां को हज करवाकर लाए थे। उनके साथ मुझे काम करने का मौका मिला। उनका सेंस ऑफ ह्यूमर गजब का था। डेविड धवन साहब की फिल्म ‘हसीना मान जाएगी’ और जोड़ी नं. 1 के डायलॉग मैंने लिखे थे और स्क्रीनप्ले इम्तियाज भाई और युनूस सजावल की जोड़ी ने। गजब की शख्सियत थे। उनका जाना फिल्म और रंगमंच के लिए गहरा सदमा है। उनका काम हमेशा नए लोगों को सीखने की प्रेरणा देगा।”

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