उत्तर कोरिया पर भड़का जापान: कम दूरी की दो बैलिस्टिक मिसाइलों के टेस्ट से PM सुगा नाराज; बोले- यह ओलंपिक और बाइडेन पर दवाब बनाने की कोशिश

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टोक्यो7 घंटे पहले

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जापान ने दावा किया कि एक मिसाइल 450 किलोमीटर तक गई थी और इसकी लैंडिंग जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र से सटे बाहरी इलाके में हुई है। – फाइल फोटो

जापान से सटे समुद्र में उत्तरी कोरिया ने बुधवार को दो बैलिस्टिक मिसाइलों का परीक्षण किया। इसका जापान के प्रधानमंत्री योशिहदे सुगा ने कड़ा विरोध जताया। उन्होंने कहा कि टोक्यो ओलंपिक और बाइडेन सरकार पर दवाब बनाने की कोशिश की जा रही है। हमारे देश और क्षेत्र की शांति और सुरक्षा के लिए खतरा पैदा किया जा रहा है। यह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का उल्लंघन है।

उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र परिषद ने उत्तरी कोरिया पर बैलिस्टिक मिसाइलों के परीक्षण करने पर बैन लगाया हुआ है। अगर इन परीक्षणों की पुष्टि होती है, तो यह अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के प्योंगयांग से जुड़ने के प्रयासों को एक चुनौती देगा।

वहीं, इस पर इंडो-पैसेफिक कमांड ने गुरुवार को एक बयान जारी किया। उन्होंने इसे उत्तर कोरिया के अवैध हथियार प्रोग्राम का हिस्सा बताया और इसे अंतराष्ट्रीय समुदाय और पड़ोसी देशों के लिए भी खतरा करार दिया। कमांड ने कहा है कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

कुछ हफ्ते पहले अमेरिका को दी थी धमकी
इससे पहले उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग की बहन ने दक्षिण कोरिया के साथ सैन्य अभ्यासों को लेकर अमेरिका को धमकी दी थी। उन्होंने इन अभ्यासों को घुसपैठ करार दिया था। साथ ही कहा था कि अगर वह अगले चार साल शांति से सोना चाहता है, तो किसी तरह की गड़बड़ी न करे।

जापान ने चीन के दूतावास के सामने किया विरोध प्रदर्शन
जापान ने इस परीक्षण का चीन के दूतावस सामने विरोध प्रदर्शन किया। जापान के मुताबिक, इस परीक्षण में शांति और सुरक्षा को लेकर खतरा पैदा कर दिया है। वहीं, दक्षिण कोरिया ने इस पर गहरी चिंता जताई है। जापान की सरकार के मुताबिक, एक मिसाइल 450 किलोमीटर तक गई थी और इसकी लैंडिंग जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र से सटे बाहरी इलाके में हुई। ये एक शॉर्ट रेंज मिसाइल है।

जापान में चार महीने बाद हैं समर गेम्स, बाइडेन से मुलाकात में चर्चा करेंगे
जापानी प्रधानमंत्री योशिहदे सुगा ने कहा है कि एक साल के भीतर यह परीक्षण हुआ है। जो जापान की शांति और स्थिरता के लिए खतरा है। परीक्षण ऐसे वक्त हुआ है, जब जापान में ओलंपिक मशाल रिले की शुरूआत गुरूवार को हुई है। चार महीने बाद टोक्यो में समर गेम्स होने हैं, जिन्हें कोरोना की वजह से 2020 में स्थगित कर दिया था।

सुगा ने कहा कि हम ओलंपिक को लेकर सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे। साथ ही अगले महीने अमेरिका के राष्ट्रपति बाइडन से होने वाली मुलाकात में इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे।

अमेरिका और दक्षिण कोरिया की इंटेलिजेंस डाटा का विश्लेषण कर रही
इसके अलावा दक्षिण कोरिया के जॉइंट चीफ स्टाफ ने बताया कि दो अनआइडेंटिफाइड प्रोजेक्टाइल का परीक्षण समुद्र में किया। यह इलाका कोरिया के प्रायद्वीप और उत्तरी कोरिया के दक्षिण में स्थित हैमग्योंग प्रांत का है। इस मामले में दक्षिण कोरिया और अमेरिका की इंटेलिजेंस एजेंसी डाटा का विश्लेषण कर रही है।

इसके अलावा दक्षिण कोरिया की प्रेसीडेंशियल ब्लू हाउस राष्ट्र सुरक्षा परिषद की इमरजेंसी मीटिंग बुलाएगा। इसमें परीक्षण को लेकर चर्चा की जाएगी। वहीं, जापान कोस्ट गार्ड को चेतावनी जारी की है और उन्हें किसी भी तरह की गिरी हुई वस्तु के बारे में जानकारी देने को कहा है।

अमेरिका की नीति को चुनौती
उत्तरी कोरिया ने 2017 से किसी भी तरह के न्यूक्लियर हथियार और लंबी दूरी की मारक क्षमता वाली मिसाइल का परीक्षण नहीं किया है। इससे पहले 2018 में उत्तर कोरिया के तानाशाह और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 2018 में मुलाकात हुई थी।

साउथ कोरिया में अमेरिका के 28,500 सैनिक तैनात
इंडिपेंडेंट यूएन सेंक्शन मॉनिटर के मुताबिक, नॉर्थ कोरिया लगातार न्यूक्लियर और मिसाइल प्रोग्राम को डेवलप कर रहा है। यह 2020 के यूएन के प्रस्तावों का उल्लंघन है। इसमें साइबर हैकिंग की मदद से फंड की व्यवस्था की जा रही है।

2018 की शुरूआत में उत्तर कोरिया ने न्यूक्लियर हथियारों और मिसाइलों के परीक्षण पर रोक लगाने का एलान किया था। तब कहा गया था कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति से हुई बातचीत के बाद किसी दबाव में फैसला नहीं लिया है।

अब तक उत्तरी कोरिया कई मिसाइलों का परीक्षण कर चुका है। जो दक्षिण कोरिया के लिए खतरा है। वहीं, इसे देखते हुए अमेरिका ने मार्च 2020 के शुरुआत में 28,500 से ज्यादा अमेरिकी सैनिक तैनात किए गए हैं।

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