एक साथ 6 बच्चों की जलकर मौत: अररिया में मक्के का भुट्‌टा सेंकते समय चारे में आग लगने से हुआ हादसा, CM ने जताया दुख, तुरंत 4-4 लाख देने का निर्देश

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अररिया9 घंटे पहले

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अपने इकलौते बेटे बरकस की मौत पर विलाप करती उसकी मां नजमा। घरवालों का कहना है कि 6 बेटियों के बाद मन्नतें मांगने पर एक बेटा हुआ था।

अररिया में पलासी के कवैया गांव में मंगलवार सुबह एक ही घर में खेल रहे 6 बच्चों की आग में जलने से मौत हो गई। इनकी उम्र ढाई से 5 साल बताई जा रही है। ये सभी एक कमरे में मक्के के भुट्‌टे सेंक रहे थे। पास में ही मवेशियों का सूखा चारा रखा था। जिसमें चिंगारी से आग लग गई और बच्चे उसमें घिर गए। बच्चों की चीख सुनकर परिवार वाले मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। इस घटना पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बहरा दुख जताया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को तत्काल 4-4 लाख का अनुग्रह अनुदान देने का निर्देश दिया है।

हादसा सुबह सवा नौ बजे हुआ। जान गंवाने वाले बच्चों की पहचान अफसर (5), गुलनाज (2.5), दिलबर (4), बरकस (3), अली हसन (4) और खुशनेहा (2.5) के रूप में हुई है। एक बच्चे अली हसन के चाचा नय्यर ने बताया कि आग अचानक भड़क गई। आग इतनी तेज थी कि लोगों को पता भी नहीं चल पाया कि अंदर कितने बच्चे हैं। जब आग बुझाई गई, तब सभी को कमरे में 6 बच्चों की मौजूदगी के बारे में पता चला। जब तक उन्हें निकाला गया, तब तक सभी बच्चे झुलस चुके थे।

गांव में एक साथ 6 मासूमों की मौत के बाद मातम है, दिनभर गांव के लोग यहां शोक जताने पहुंचते रहे।

गांव में एक साथ 6 मासूमों की मौत के बाद मातम है, दिनभर गांव के लोग यहां शोक जताने पहुंचते रहे।

गांव वालों की कोशिशों से आग नहीं फैली
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि घर के जिस कमरे में बच्चे मौजूद थे, वहां पास में ही पुआल (एक तरह की सूखी घास) रखा हुआ था। उसकी वजह से आग भड़क गई। आग लगने के बाद गांव के लोगों ने अपने संसाधनों से ही आग पर काबू पाया। हालांकि फायर ब्रिगेड भी आधे घंटे के अंदर ही घटनास्थल पर पहुंच गई थी। इस वजह से आग फैल नहीं पाई और एक ही घर उसकी चपेट में आया।

आग लगने पर गांव वालों ने तुरंत उसे बुझाने की कोशिश की और उसे फैलने से रोका।

आग लगने पर गांव वालों ने तुरंत उसे बुझाने की कोशिश की और उसे फैलने से रोका।

घटना के समय घर में एक साथ बैठे हुए थे बच्चे
पुलिस ने बताया कि सभी बच्चों के परिवार मजदूरी करते हैं। सदर एसडीओ शैलेश चन्द्र दिवाकर ने बताया कि जिस घर में आग लगी, वह मंजूर अली का था और उसके बच्चे दिलबर की भी इस हादसे में मौत हो गई है। भुट्टे पकाने के दौरान आग लगने से सभी उसमें झुलस गए। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।

पुलिस के मुताबिक घर मंजूर अली का था, उसके बच्चे दिलबर की भी हादसे में मौत हो गई।

पुलिस के मुताबिक घर मंजूर अली का था, उसके बच्चे दिलबर की भी हादसे में मौत हो गई।

मृत बच्चों के परिजन को 4-4 लाख का मुआवजा
सरकार ने मृत बच्चों के परिजन को 4-4 लाख रुपए का मुआवजा देने का ऐलान किया है। वहीं, घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। हादसे के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। गांव के सभी लोग बच्चों के परिवारों को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं।

मारे गए बच्चों के शवों को तिरपाल से ढंकते हुए परिजन और गांव के लोग।

मारे गए बच्चों के शवों को तिरपाल से ढंकते हुए परिजन और गांव के लोग।

15 दिन पहले किशनगंज में ऐसा ही हादसा हुआ था
15 मार्च को बिहार के किशनगंज में भी एक घर में आग लगने से परिवार के मुखिया और उसके चार बच्चों की मौत हो गई थी। आग से गैस का सिलेंडर फटने से शव क्षत-विक्षत हो गए थे। पत्नी को गंभीर हालत में हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था।

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