काल गणना: हिंदू कैलेंडर का पहला महीना 29 मार्च से, लेकिन हिंदू नववर्ष तो 13 अप्रैल को गुड़ी पड़वा से शुरू होगा

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20 घंटे पहले

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  • सनातन धर्म में अंधेरे से उजाले की ओर जाने का संदेश, इसलिए कृष्णपक्ष के 15 दिन बीतने पर शुक्लपक्ष से शुरू होता है नया साल

28 मार्च रविवार को फाल्गुन महीना खत्म हो रहा है। इसके अगले ही दिन हिंदू कैलेंडर का पहला महीना यानी चैत्र शुरू हो जाएगा। जो कि 27 अप्रैल तक रहेगा। लेकिन हिंदू नववर्ष की शुरुआत 13 अप्रैल को गुड़ी पड़वा से होगी। हिंदू कैलेंडर में पूर्णिमा पर महीना खत्म होने से नए महीने की शुरुआत कृष्णपक्ष से होती है। लेकिन कृष्णपक्ष में चंद्रमा का प्रभाव घटने की वजह से चैत्र महीने के शुक्लपक्ष से नए साल की शुरुआत की जाती है। चैत्र महीने के दौरान वसंत ऋतु होती है। जिसे ऋतुओं का राजा कहा जाता है।

होली के अगले दिन से ही शुरू हो जाता है चैत्र माह
वास्तव होली के दूसरे ही दिन से चैत्र महीना शुरू हो जाता है, लेकिन ये समय कृष्ण पक्ष का होता है। मतलब पूर्णिमा से अमावस्या तक का। इन 15 दिनों में चंद्रमा लगातार घटता है और अंधेरा बढ़ता जाता है। सनातन धर्म में तमसो मां ज्योतिर्गमय् यानी अंधेरे से उजाले की ओर जाने की मान्यता है।

इस कारण चैत्र महीने की शुरुआत के 15 दिन जो कि पूर्णिमा से अमावस्या तक होते हैं, उनका छोड़ दिया जाता है। अमावस्या के बाद जब शुक्लपक्ष लगता है तो शुक्ल प्रतिपदा से नया साल मनाया जाता है, जो अंधेरे से उजाले की ओर जाने का संदेश देता है। अमावस्या के अगले दिन से शुक्लपक्ष शुरू होता है, जिसमें हर दिन चंद्रमा बढ़ता है और उजाला बढ़ता है।

चैत्र माह का महत्व
अमावस्या के बाद चन्द्रमा जब मेष राशि और अश्विनी नक्षत्र में प्रकट होकर हर दिन एक-एक कला बढ़ता हुआ 15 वें दिन चित्रा नक्षत्र में में पूरा होता है, तब वह महीना चित्रा नक्षत्र के कारण चैत्र कहलाता है। हिन्दू नववर्ष के चैत्र महीने से ही शुरू होने के पीछे पौराणिक मान्यता है कि भगवान ब्रह्मदेव ने चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से ही सृष्टि की रचना शुरू की थी। ताकि सृष्टि निरंतर प्रकाश की ओर बढ़े।

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