कोरोना का एक साल: मलाइका बोलीं- अब पालतू जानवर ही नहीं, इंसानों को भी तभी सुरक्षित समझा जाता है, जब वैक्सीन लग जाती है

  • Hindi News
  • Entertainment
  • Bollywood
  • Bollywood Celebrity Malaika Arora Has Shared A Witty Observation About How Life Has Changed Since The Arrival Of The Coronavirus Pandemic In Our Lives

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

22 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

बेटे अरहान खान के साथ एक्ट्रेस मलाइका अरोड़ा। मलाइका पिछले साल कोरोना पॉजिटिव हुई थीं और इसके चलते उन्हें रियलटी शो छोड़ना पड़ा था। – फाइल फोटो

कोरोना महामारी के एक साल पूरे होने पर मलाइका अरोड़ा ने एक मजाकिया ऑब्जर्वेशन सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है। उन्होंने बताया कि कैसे एक साल में जिंदगी बदल गई है। मलाइका ने लिखा कि अब केवल पालतू जानवर ही नहीं, इंसान भी तब सुरक्षित माने जाते हैं, जब उन्हें वैक्सीन लग जाती है।

मलाइका ने सोशल मीडिया पोस्ट पर अपने विचार शेयर किए और लिखा- पहले जब लोग मेरे घर आते थे तो मैं उन्हें बताती थी कि डरने की जरूरत नहीं है, हमारे कुत्ते को वैक्सीन लग चुकी है। अब मैं आने वालों से कहती हूं कि डरने की जरूरत नहीं है। हमें वैक्सीन लग चुकी है।

मलाइका ने सफाई को लेकर आए बदलावों पर किस्सा सुनाया
एक अन्य पोस्ट में मलाइका ने हाईजीन को लेकर आए दिमागी बदलावों के बारे में बताया। उन्होंने लिखा, ‘कोरोना के चलते हम लोग पागल हो गए हैं। मैं एक रेस्टोरेंट के वॉशरूम में गई। मैंने अपनी कोहनी से वॉशरूम का दरवाजा खोला। अपने पैर से टॉयलेट सीट का कवर हटाया। पानी चलाने के लिए मैंने टिश्यू का इस्तेमाल किया। अपने हाथ धोए और फिर कोहनी से वॉशरूम का दरवाजा खोला। जब मैं अपनी टेबल पर वापस आई तो मुझे अहसास हुआ कि मैं अपनी पैंट ऊपर करना तो भूल गई।’

कोरोना पॉजिटिव हुई थीं मलाइका, बच्चों से दूर रहने की बात शेयर की थी
मलाइका पिछले साल करोना पॉजिटिव हुई थीं। उनके साथ बॉयफ्रैंड अर्जुन कपूर का कोरोना टेस्ट भी पॉजिटिव आया था। कोरोना के चलते मलाइका को रियलटी टीवी शो की शूटिंग छोड़नी पड़ी थी। उनकी जगह एक्ट्रेस नोरा फतेही ने शो को जज किया था। इस दौरान मलाइका ने बताया था कि किस तरह से उन्हें अपने बेटे अरहान से दूर रहना पड़ रहा है। तब उन्होंने लिखा था- प्यार कोई सीमाएं नहीं जानता। सेल्फ क्वारैंटाइन और सोशल डिस्टेंसिंग के साथ भी हम लोग एक-दूसरे का ध्यान रखने का रास्ता खोज लेते हैं। एक-दूसरे को देखते हैं और बात करते हैं। मेरा दिल बैठ जाता है, ये सोचकर कि अगले कुछ दिनों तक मैं अपने बच्चों को गले से नहीं लगा पाऊंगी। मैं उनके प्यारे चेहरों को देखकर साहस और ऊर्जा से भर जाती हूं।

खबरें और भी हैं…

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *