कोविड-19 ने ली परीक्षा: इंडिया इंक के लिए 2021 ऐसे रहेगा इनोवेशन और रिकवरी वाला साल

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2 घंटे पहले

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  • महामारी ने लिया इंडिया इंक के लचीलेपन का इम्तिहान, मैनुअल फाइनेंशियल प्रोसेस के ऑटोमेशन पर होगा ध्यान
  • एंप्लॉयी के लिए माहौल के हिसाब से ढलेंगे बिजनेस लीडर्स, बड़ी संख्या में होगा छोटी कंपनियों का डिजिटलाइजेशन

2020 का साल 20-20 क्रिकेट जैसा उतार-चढ़ाव वाला रहा है। हर साइज की कंपनियां वजूद बनाए रखने की कोशिश में लगी रही हैं। इंडिया इंक ग्रोथ के लिए अपनी रणनीति दुरुस्त करने में जुटा है। ऐसे में 2021 उसके लिए इनोवेशन, रिकवरी और रिन्यूअल वाला साल रह सकता है। इस बात का जिक्र SAP कॉनकर की हालिया रिपोर्ट में किया गया है।

महामारी ने लिया कंपनियों के लचीलेपन का इम्तिहान

कोविड-19 के चलते बने माहौल ने बदलते हालात के हिसाब से रास्ता बदलने और खुद को ढालने के मामले में कंपनियों की खूब परीक्षा ली। SAP कॉनकर के इंडियन सब कॉन्टिनेंट के MD मणिकरण चौहान कहते हैं, ‘2021 हाल के कुछ वर्षों जैसा कतई नहीं रहेगा। लड़खड़ाता हुआ जन-जीवन आधुनिक काल की सबसे भयावह महामारी के बाद के साल में धीरे-धीरे पटरी पर आने लगेगा। मुमकिन है कि आगे इसको लोग इसी के लिए जानें।’ SAP कॉनकर एक एक्सपेंस, ट्रैवल और इनवॉयस मैनेजमेंट सॉल्यूशन प्रोवाइडर कंपनी है।

2021 में आएगा रेस्पॉन्सिबल बिजनेस ट्रैवल का दौर

चौहान के मुताबिक 2021 अपने साथ रेस्पॉन्सिबल बिजनेस ट्रैवल और टिकाऊ ग्रोथ का दौर लेकर आएगा। उन्होंने कहा, ‘जब तक कोविड-19 का टीका ज्यादातर लोगों को नहीं लग जाता, होटल, एयरलाइंस, रेल प्रोवाइडर्स, राइडशेयरिंग और कार रेंटल सर्विसेज कंपनियों सहित सभी ट्रैवल प्रोवाइडर्स को ट्रैवलर्स से उनके कोविड-19 हेल्थ स्टेटस के बारे में पूछते रहना पड़ेगा।’

एंप्लॉयी की जरूरतों को लेकर लचीले बनेंगे लीडर्स

चौहान का कहना है कि ट्रैवलिंग को लेकर एंप्लॉयीज के अनुभव को बेहतर बनाने में कंपनियां अहम रोल अदा करेंगी। कॉरपोरेट लीडर्स को एंप्लॉयी की जरूरतें पूरी करने के लिए माहौल के हिसाब से ढलना होगा। उन्होंने कहा कि कंपनियों को डिजिटलाइजेशन अपनाना होगा और मैनुअल फाइनेंशियल प्रोसेस को ऑटोमेट करना होगा। इससे एंप्लॉयी शारीरिक मेहनत घटाकर ज्यादा सार्थक काम में लग सकेंगे और रणनीतिक प्राथमिकता के हिसाब से काम कर सकेंगे।

लेन-देन वाली व्यवस्था की कमियों को देखने का नया नजरिया मिला

कोविड-19 का टीका जल्द आमजन तक पहुंचने की उम्मीद नहीं है। बहुत सी छोटी और मझोली कंपनियां महामारी से हुई आर्थिक समस्याओं से उबरने में जुटी हैं। बहुत ही छोटी कंपनियां तो कोविड-19 के चलते हुई समस्याओं के चलते हमेशा के लिए बंद हो गईं। लेकिन कोरोनावायरस से फैली महामारी ने मार्केटप्लेस में लेन-देन को अंजाम देने वाली व्यवस्था में मौजूद कमियों को देखने का नया नजरिया दिया है और नए कारोबार के लिए मौके बनाए हैं।

बड़ी संख्या में होगा छोटी कंपनियों का डिजिटलाइजेशन

चौहान कहते हैं, ‘2021 में बड़ी संख्या में छोटी कंपनियां कारोबारी लेनदेन का डिजिटल तरीका अपना सकती हैं। ये सौदे वाली जगह बदल सकती हैं और अपना कारोबार पूरी तरह या कुछ हद तक ऑनलाइन मार्केट में ले जा सकती हैं। इससे लोगों को छोटे कारोबारियों की मदद के लिए लोकल शॉपिंग करने के नए विकल्प मिलेंगे। इससे उनको अहम सप्लाई चेन में बने गैप को भरने के काम आने का भी मौका मिलेगा।’

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