दूसरी छमाही होगी दमदार: GDP ग्रोथ इस साल -7% रहेगी, SBI ने कहा; FY21-22 के लिए इंड-रा ने दिया 10.4% ग्रोथ का अनुमान

  • Hindi News
  • Business
  • Economy To Contract By 7 Percent, SBI Research Revises Forecast, Ind Ra Forecasted 10.4 Percent Growth For FY21 22

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

20 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक
  • SBI रिसर्च ने इस वित्त वर्ष में -7.4% ग्रोथ रहने का अनुमान दिया था, दूसरी छमाही में 2.8% की पॉजिटिव ग्रोथ होने की संभावना जताई
  • इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च के मुताबिक GDP ग्रोथ में ठोस रिकवरी FY23 तक नहीं हो पाएगी, FY22 में इकोनॉमी करेगी इस साल के लॉस की भरपाई

मार्च 2021 में खत्म हो रहे वित्त वर्ष में GDP ग्रोथ -7% रह सकती है, यह अनुमान SBI रिसर्च ने दिया है। यह अनुमान उसने अंतिम छमाही में आर्थिक वृद्धि दर पॉजिटिव रहने की संभावना पर जताया है। उसने पहले इस वित्त वर्ष में -7.4% ग्रोथ रहने का अनुमान दिया था। पहली छमाही में ग्रोथ -15.7% रही थी, लेकिन SBI रिसर्च का अनुमान सही निकला तो दूसरी छमाही में 2.8% की ग्रोथ हो सकती है।

इंड-रा ने दिया FY21-22 में GDP ग्रोथ 10.4% रहने का अनुमान

इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च ने वित्त वर्ष 2021-22 में GDP ग्रोथ 10.4% रहने का अनुमान दिया है। रेटिंग एजेंसी का यह भी कहना है कि GDP ग्रोथ में ठोस रिकवरी वित्त वर्ष 2023 तक नहीं हो पाएगी। इंड-रा के प्रिंसिपल इकोनॉमिस्ट सुनील कुमार सिन्हा के मुताबिक 2021 में इकोनॉमी ने जो खोया है उसकी भरपाई 2022 में करेगी।

ठोस इकोनॉमिक रिकवरी के लिए FY23 का इंतजार करना होगा

सिन्हा का कहना है कि असल ग्रोथ मामूली होगी और ठोस रिकवरी के लिए 2023 का इंतजार करना होगा। इंड-रा के चीफ इकोनॉमिस्ट डी के पंत ने कहा कि कोविड-19 से पहले की ग्रोथ के हिसाब से GDP ग्रोथ ट्रेंड से 10.6% कम रह सकती है।

दिसंबर क्वॉर्टर में ग्रोथ पूरे साल की वृद्धि दर को बेहतर बना सकती है

SBI के ग्रुप चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर सौम्य कांति घोष के मुताबिक आधे लीडिंग इंडिकेटर इकोनॉमिक एक्टिविटी बढ़ने के संकेत दे रहे हैं। इसको देखते हुए दिसंबर क्वॉर्टर में 0.3 पर्सेंटेज की ग्रोथ पूरे साल की GDP ग्रोथ के आंकड़े को बेहतर बना सकती है। जून क्वॉर्टर में GDP 23.9% घट गया था लेकिन सितंबर क्वॉर्टर में ग्रोथ नाटकीय सुधार के साथ -7.5% पर आ गई।

दिया जा रहा है GDP ग्रोथ शून्य से 7.5-8% नीचे रहने का अनुमान

घोष के मुताबिक 2019-20 में 4% रही GDP ग्रोथ इस फाइनेंशियल ईयर में -7% रह सकती है। मौजूदा वित्त वर्ष में मोटे तौर पर GDP ग्रोथ शून्य से 7.5-8% नीचे रहने का अनुमान दिया जा रहा है। NSO ने GDP ग्रोथ -7 जबकि RBI ने -7.5% रहने का अनुमान लगाया है।

कंपनियों के रिजल्ट्स दे रहे तीसरे क्वॉर्टर में एक्टिविटी बढ़ने के संकेत

अब तक आए कंपनियों के फाइनेंशियल रिजल्ट्स बताते हैं कि तीसरे क्वॉर्टर में इकोनॉमिक एक्टिविटी काफी बढ़ी है। 1,129 कंपनियों की ग्रॉस वैल्यू ऐडेड (GVA) दिसंबर क्वॉर्टर में 14.7 पर्सेंट बढ़ी है जबकि सितंबर क्वॉर्टर में 3,758 कंपनियों की ग्रॉस वैल्यू ऐडेड 8.6 पर्सेंट रही थी। कंपनी के टोटल प्रॉडक्शन में इंटरमीडिएट कंजम्पशन को निकालने से जो आंकड़ा मिलता है उससे GVA का पता चलता है।

बढ़ती वर्कफोर्स की जरूरत पूरी करने में नाकाफी रहेगी मीडियम टर्म में GDP ग्रोथ

इंड-रा के प्रिंसिपल इकोनॉमिस्ट सिन्हा ने कहा है कि मीडियम टर्म में जो जीडीपी ग्रोथ होगी वह देश की बढ़ती वर्कफोर्स की जरूरत पूरी करने में नाकाफी रह सकती है। उनके मुताबिक वर्कफोर्स में हर साल जुड़ रहे 1-1.2 करोड़ लोगों को काम देने के लिए लगभग 8% इकोनॉमिक ग्रोथ की जरूरत होगी।

इकोनॉमिक एक्टिविटी बढ़ने से राहत की जरूरत कम हो जाती है

सिन्हा ने कहा कि सरकार ने वित्त वर्ष 2021 में गरीबों को काफी आर्थिक राहत दी लेकिन वित्त वर्ष 2022 में खर्च घटा दिया। गांवों में रोजगार की गारंटी वाली योजना के लिए खर्च घटाने के बाबत सिन्हा ने कहा कि संकट पर कमोबेश काबू पा लिया गया है। उनके मुताबिक, इकोनॉमिक एक्टिविटी बढ़ने से राहत की जरूरत कम हो जाती है, जिसकी झलक बजट 2021 में मिली है।

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *