पर्सनल फाइनेंस: फाइनेंशियल गोल तय करके निवेश करने पर मिलेगा ज्यादा फायदा, नहीं उठाना पड़ेगा नुकसान

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

एक घंटा पहले

  • कॉपी लिंक
  • जब सभी निवेश वित्तीय लक्ष्यों से जुड़े होते हैं, तो आप समय-समय पर उनके प्रदर्शन की समीक्षा कर सकते हैं
  • अगर आप सही फाइनेंशियल गोल के साथ निवेश कर सकते हैं तो आपको लोन लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी

अगर आप नए साल में कहीं निवेश करने का प्लान बना रहे हैं तो आपका सबसे पहले ये समझना जरूरी है की आप ये निवेश क्यों कर रहे हैं। अपने फाइनेंशियल गोल्स (वित्तीय लक्ष्यों) को समझे बिना कहीं भी निवेश करने से आपको नुकसान उठाना पड़ सकता है। आज हम आपको बता रहे हैं कि कहीं भी निवेश करने से पहले फाइनेंशियल गोल तय करना क्यों जरूरी है।

लक्ष्य हासिल करना रहता है आसान
एक तय लक्ष्य होने से आप बेहतर योजना बनाकर अपनी जरूरत को पूरा कर सकेंगे। मान लीजिए आपको 3 साल बाद 2 लाख रुपए की जरूरत है तो आप अभी से किसी ऐसी स्कीम जैसे रिकरिंग अकाउंट (RD) और म्यूचुअल फंड (SIP) सहित अन्य किसी ऐसी जगह 5 हजार रुपए महीने निवेश कर सकते हैं जहां से आपको सालाना 7% ब्याज मिले। इससे आपको 3 साल बाद करीब 2 लाख 6 हजार रुपए मिलेंगे। इसी तरह आपको भी अपने वित्तीय लक्ष्यों को ध्यान में रखकर निवेश करना चाहिए।

आपको लोन लेने से बचाता है
अगर आप सही फाइनेंशियल गोल के साथ निवेश कर सकते हैं तो आपको लोन लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। क्योंकि आपके पास पैसों की व्यवस्था रहती है जिससे आप अपनी जरूरतों को पूरा कर सकते हैं। इससे आप कर्ज के जाल में नहीं फंसते हैं।

अनुशासन बनाए रखने में मदद मिलते है
अगर आप किसी निर्धारित लक्ष्य को लेकर निवेश करते हैं तो से बचत और निवेश में अनुशासन बनाने में मदद मिलती है। इससे आपको अपने खर्च का हिसाब रखने में भी मदद मिलती है। इससे अलावा अगर आपको लगता है कि आप ज्यादा खर्च करते हैं तो आप उसे बचत में बदल सकते हैं। ये आपको बचत बस बढ़ाने में मदद करता है।

समीक्षा करना रहता है आसान
जब सभी निवेश वित्तीय लक्ष्यों से जुड़े होते हैं, तो आप समय-समय पर उनके प्रदर्शन की समीक्षा कर सकते हैं। ऐसा करने से न केवल आपको अंडरपरफॉर्मिंग एवेन्यू की पहचान करने में मदद मिलती है बल्कि यह आपको किसी भी मनचाही स्थिति से निपटने में मदद मिलती है, जो आपको निर्धारित लक्ष्य से दूर ले जा सकता है। इससे अलावा अगर निवेश से रिटर्न में उतार चढ़ाव आता है तो आप अपना पैसा वहां से निकालकर कहीं और निवेश कर सकते हैं।

सही समय पर मिल जाएगा पैसा
आप कितने समय के लिए अपना पैसा निवेश करना चाहते हैं या कर सकते हैं, इस बात का विशेष ध्यान रखें। क्योंकि कई सेविंग स्कीम और योजनाएं लॉक इन पीरियड के साथ आती हैं। यानी इस पीरियड में आप अपना निवेश किया हुआ पैसा नहीं निकाल सकेंगे। इसीलिए इस बात का विशेष ध्यान रखें कि आप जहां निवेश कर रहे हैं उसमें लॉक इन पीरियड तो नहीं हैं और अगर है तो कितना है। इस बात का ध्यान रखने से आपका पैसा आपको आपकी जरूरत के हिसाब से समय पर मिल जाएगा, और आपको लॉक इन पीरियड पूरा न होने पर लगने वाली पेनल्टी भी नहीं देनी होगी।

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *