पर्सनल फाइनेंस: म्यूचुअल फंड्स पर डिजिटल लोन लेना रहेगा फायदेमंद, पर्सनल लोन की तुलना में मिलेगा सस्ता लोन

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नई दिल्ली9 मिनट पहले

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म्यूचुअल फंड पर लोन की ब्याज दर अलग-अलग बैंकों में भिन्न होती है। आमतौर पर ये 9 से 13% के बीच होती है

  • म्यूचुअल फंड पर लिए जाने वाले लोन को सिक्योर्ड लोन की श्रेणी में रखा जाता है
  • SBI इक्विटी, हायब्रिड या ईटीएफ म्यूचुअल फंड की नेट असेट वैल्यू के 50% तक का लोन देता है

म्यूचुअल फंड्स में निवेश न केवल आपको बढ़िया रिटर्न दिला सकता है बल्कि आपके बुरे वक्त में आप इस पर लोन भी ले सकते हैं। म्यूचुअल फंड पर लिए जाने वाले लोन को सिक्योर्ड लोन की श्रेणी में रखा जाता है। शेयर या डेट आधारित म्यूचुअल फंड पर लिया जाने वाला लोन जल्दी मिलता है। हम आपको आज म्यूचुअल फंड्स पर लिए जाने वाले डिजिटल लोन के बारे में बता रहे हैं।

पर्सनल लोन की तुलना में मिलता है सस्ता लोन
म्यूचुअल फंड पर लोन की ब्याज दर अलग-अलग बैंकों में भिन्न होती है। आमतौर पर ये 9 से 13% के बीच होती है। भारतीय स्टेट बैंक (SBI) शेयर, म्युचुअल फंड एवं डुआल एडवान्टेज फंड पर 9.75% सालाना ब्याज दर पर लोन दे रहा है। यह पर्सनल लोन पर ब्याज दर की तुलना में बहुत बेहतर है, जो कि 16% तक हो सकती है।

कितना लोन ले सकते हैं?
इक्विटी आधारित फंड्स के मामले में बैंक नेट असेट वैल्यू (NAV) के 50% तक लोन दे सकते हैं। SBI इक्विटी, हायब्रिड या ईटीएफ म्यूचुअल फंड की नेट असेट वैल्यू के 50% तक का लोन देता है। यानी यदि आप 10 लाख रुपए का लोन लेना चाहते हैं तो आपको कम से कम 20 लाख रुपए की म्यूचुअल फंड इकाइयों को गिरवी रखना होगा। हालांकि SBI ने इक्विटी म्यूचुअल फंड इकाइयों के लिए अधिकतम 20 लाख रुपए और न्यूनतम लोन राशि 25,000 रुपए तय कर रखी है।

कर्ज नहीं चुकाने पर क्या होगा?
यदि आपने म्यूचुअल फंड पर लोन लिया है और आप कर्ज नहीं चुका पा रहे हैं तो बैंक आपकी यूनिट्स को बेच देगा और अपने कर्ज की भरपाई करेगा। यदि अतिरिक्त पैसा बचता है तो वो आपको दिया जा सकता है। बैंक म्यूचुअल फंड बेचने के ग्राहक को इसके बारे में बताएगा। यदि आप लोन चुका देते हैं तो बैंक या वित्तीय कंपनी फंड हाउस की ओर से कर्ज चुकाए जाने की सूचना मिलते ही फंड हाउस उन यूनिट्स को फ्री कर देगा। इसके बाद इन पर आपका अधिकार हो जाएगा।

क्या ये फायदेमंद है?
म्यूचुअल फंड पर लोन लेने का एक लाभ यह है कि ग्राहक को विपरीत समय में अपनी प्रतिभूतियों को घाटे में बेचना नहीं पड़ता है। डिजिटल लोन तुरंत मिल सकता है। निवेशक अपना निवेश जारी रख सकते हैं। इस दौरान म्यूचुअल फंड यदि कोई लाभांश देता है, तो वह लोन लेने वाले ग्राहक को मिलता रहता है। आप प्रोफिट में आने पर अपने म्यूचुअल फंड्स की यूनिट्स को रिडीम भी कर सकते हैं। सभी म्यूचुअल फंड पर लोन नहीं मिलता है। इसलिए ग्राहकों को बैंक से पता कर लेना चाहिए कि उनके फंड पर उस बैंक से लोन मिल सकेगा या नहीं।

कैसे ले सकते हैं लोन?
HDFC और SBI सहित कई बैंक पूरी तरह बिना कागजी प्रक्रिया के यह लोन ऑफर कर रहे हैं। प्रक्रिया शुरू करने के लिए ग्राहक के पास उस बैंक में सिर्फ अपना एक खाता होना जरूरी है। आप बैंक की ऑफिशियल साइट या मोबाइल एप्लीकेशन से इसके लिए अप्लाई कर सकते हैं। इसकी प्रोसेस हर बैंक की अलग-अलग होती है। हालांकि ये प्रोसेस ओवरड्राफ्ट सुविधा से मिलती जुलती ही रहती है।

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