भारत अहम बाजार: दिक्कत में आ सकती है दिग्गज ईकॉमर्स फर्म, नियमों के पालन में अमेजन के खेल की खबर

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12 घंटे पहले

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  • रायटर्स ने 2012 से 2019 के बीच के डॉक्यूमेंट के आधार पर रिपोर्ट तैयार की है
  • मामले को अदालत ले जाने की तैयारी में लगे हैं CAIT के नेशनल जनरल सेक्रेटरी

अमेरिकी ई-कॉमर्स दिग्गज अमेजन का समय ठीक नहीं चल रहा है। फ्यूचर ग्रुप के साथ मुकदमे में पहले से फंसी कंपनी के खिलाफ एक मीडिया रिपोर्ट आ गई है। इंटरनेशनल न्यूज एजेंसी रायटर्स के मुताबिक, अमेजन वर्षों से यहां के नियमों के पालन में खेल करती रही है।

अमेजन के लिए भारत बड़ा बाजार है और यह रिपोर्ट उसके लिए मुसीबत पैदा कर सकती है। रायटर्स ने 2012 से 2019 के बीच के डॉक्यूमेंट के आधार पर एक रिपोर्ट तैयार की है। इसमें अमेजन पर भारतीय कानूनों के साथ कई तरह से खेल करने का आरोप है।

अदालत जाने की तैयारी में ट्रेडर्स एसोसिएशन CAIT

कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के नेशनल जनरल सेक्रेटरी प्रवीन खंडेलवाल रॉयटर्स की खबर आने के बाद मामले को अदालत ले जाने की तैयारी में लगे हैं। उन्होंने कहा, ‘अमेजन और फ्लिपकार्ट कारोबार के कई ऐसे तौर तरीके अपनाती है जो कानूनन गलत हैं। इससे दूसरी कंपनियों को भी नियम तोड़ने के लिए बढ़ावा मिलता है। इस मामले में सख्त सज़ा दी जाए जिससे मिसाल कायम हो।’

अमेजन पर कार्रवाई के लिए ED को पत्र लिखा था

CAIT काफी समय से इस कोशिश में लगा हुआ है कि सरकार ई-कॉमर्स कंपनियों के मामले में दखल दे। उसने पिछले साल एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) को पत्र लिखकर अमेजन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की थी। उसका कहना था कि अमेजन के प्लेटफॉर्म पर बहुत कम दाम में सामान बेचे जाने से छोटे कारोबारियों के पेट पर लात पड़ रही है।

35 वेंडर्स से मिलती रही है दो तिहाई ऑनलाइन सेल्स

माना जाता है कि अमेजन को अधिकांश कारोबार खास वेंडर्स के ग्रुप से मिलता है। रायटर्स के मुताबिक कंपनी को 2019 तक दो तिहाई ऑनलाइन सेल्स 35 वेंडर्स से मिलती रही है। इन वेंडर्स में क्लाउडटेल और अपेरियो शामिल हैं, जिनमें से एक में उसका इनडायरेक्ट स्टेक है। क्लाउडटेल में अमेजन और नारायणमूर्ति की कैटामारन वेंचर्स के ज्वाइंट वेंचर प्रायवन बिजनेस सर्विसेज का पैसा लगा हुआ है।

2018 में अमेजन ने भारत में अपना ढांचा बदला था

दिसंबर 2018 में सरकार की तरफ से प्रेस नोट 2 जारी होने के बाद अमेजन ने अपना ढांचा बदला था। फरवरी 2019 में कैटामारन वेंचर्स ने क्लाउडटेल की पेरेंट कंपनी प्रायवन बिजनेस सर्विसेज में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई थी। इससे क्लाउडटेल में अमेजन एशिया का हिस्सा 49% से घटकर 24% रह गया जबकि कैटामारन का निवेश 51% से बढ़कर 76% हो गया। इससे क्लाउडटेल अमेजन ग्रुप का हिस्सा नहीं रह गया। इस तरह कागज पर नियमों पर पालन हो गया लेकिन नियमों में बदलाव का सरकार का मकसद पूरा न हो पाया।

मिनिस्टर ने कहा था, प्रेस नोट 2 में कमी ढूंढना बंद करें

अमेजन के कारोबार में हुई इस तरह की रिस्ट्रक्चरिंग के कुछ समय बाद पीयूष गोयल ने वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय संंभाला था। उन्होंने अमेजन सहित दर्जन भर टॉप ऑफलाइन और ऑनलाइन कंपनियों के चीफ एग्जिक्यूटिव को मीटिंग के लिए बुलाया था। मीटिंग में मौजूद सूत्रों के मुताबिक गोयल ने कंपनियों से कहा था कि प्रेस नोट 2 में कमी ढूंढने के लिए वकीलों के चक्कर लगाना बंद करें और नियम के हिसाब से चलने पर ध्यान दें।

बदनाम करने के मकसद से लिखा गया लेख: अमेजन

अमेजन ने बयान जारी कर कहा है, ‘लेख सनसनी फैलाने और अमेजन को बदनाम करने के मकसद से बेबुनियाद, अधूरी और/या तथ्यात्मक रूप से गलत सूचनाओं के आधार पर लिखा गया है, ऐसा लगता है। अमेजन ने हमेशा कानून का पालन किया है। पिछले कुछ वर्षों में मार्केटप्लेस और अमेजन से जुड़े नियमों में कई बार बदलाव हुए हैं। हमने हर बार तेजी से उनका पालन किया है। इसलिए लेख पुरानी सूचनाओं पर आधारित लगती है।’

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