महंगाई से राहत नहीं: कच्चे तेल की बढ़ती कीमत से और महंगे हो सकते हैं पेट्रोल और डीजल, सब्जी सहित दाल की कीमतें होंगी प्रभावित

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नई दिल्ली12 मिनट पहले

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8 फरवरी को राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 86.99 रुपए प्रति लीटर और डीजल 77.17 रुपए प्रति लीटर पर बिक रहा है। ऐसे में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से बजट बिगड़ सकता है।

इंटरनेशनल ऑयल मार्केट में ब्रेंट क्रूड यानी कच्चे तेल की कीमत 60 डॉलर प्रति बैरल हो गई है। यह एक साल में अब तक सबसे ऊंचे स्तर पर है। इससे पेट्रोल-डीजल सहित अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की कीमत में बढ़ोतरी हो सकती है। नतीजतन, सब्जी, दाल सहित अन्य के दाम बढ़ सकते हैं।

देश में अब तक के सबसे ऊंचे भाव पर बिक रहा है पेट्रोल-डीजल
8 फरवरी को राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 86.99 रुपए प्रति लीटर और डीजल 77.17 रुपए प्रति लीटर पर बिक रहा है। ऐसे में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से बजट बिगड़ सकता है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमत से पेट्रोल का दाम 100 रुपए प्रति लीटर तक पहुंच सकता है। क्योंकि राजस्थान के गंगानगर में पहले ही पेट्रोल 97.31 रुपए प्रति लीटर पर बिक रहा है। हालांकि, प्रीमियम पेट्रोल की कीमत पहले ही 100 रुपए प्रति लीटर के पार पहुंच चुका है।

किसान आंदोलन और विधानसभा चुनाव को देखते हुए सरकार घटा सकती है एक्साइज ड्यूटी
SMC ग्लोबल सिक्योरिटीज की असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट (AVP) वंदना भारती ने कहा कि नए वित्त वर्ष की पहली तिमाही यानी जून तक कच्चे तेल की कीमत में बढ़ोतरी रहेगी। हालांकि केंद्र सरकार नहीं चाहेगी कि पेट्रोल की कीमत 100 रुपए प्रति लीटर तक पहुंचे। क्योंकि एक तरफ दो महीने से जारी किसान आंदोलन है, तो दूसरी ओर कुछ राज्यों में विधानसभा चुनाव हैं। ऐसे में सरकार बढ़ती कीमत को रोकने के लिए एक्साइज ड्यूटी घटा सकती है।

तेल उत्पादक समूह देशों द्वारा उत्पादन कटौती से बढ़ रहा कच्चे तेल का दाम
उन्होंने बताया कि तेल उत्पादक समूह देशों द्वारा उत्पादन में कटौती, दुनियाभर में आर्थिक गतिविधियों में तेजी और अमेरिका में नए राहत पैकेज को लेकर पॉजिटिव अपडेट से कच्चे तेल की कीमत बढ़ रही है। इसके अलावा डॉलर इंडेक्स में कमजोरी के साथ-साथ अमेरिका में भी उत्पादन घटा है। बीते 6 महीने में ब्रेंट क्रूड का दाम 2.4 डॉलर प्रति बैरल बढ़ चुका है।

मोदी कार्यकाल में करीब तीन गुना बढ़ा एक्साइज ड्यूटी
इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) के मुताबिक राजधानी दिल्ली में केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल पर प्रति लीटर 32.98 रुपए और डीजल पर 31.83 रुपए का एक्साइज ड्यूटी लगाया जाता है। यह डेटा 1 फरवरी 2021 के मुताबिक हैं। हालांकि, 2014 में पेट्रोल पर प्रति लीटर 9.48 रु. और डीजल पर 3.56 रु. एक्साइज ड्यूटी लगती थी। नवंबर 2014 से जनवरी 2016 के बीच सरकार ने इसे बढ़ाया था। इन 15 महीनों में पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी बढ़कर 11.77 रुपए और डीजल पर 13.47 रुपए हो गई थी।

पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर पिछले हफ्ते हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लि. (HPCL) के अध्यक्ष मुकेश कुमार सुराणा ने कहा था कि फ्यूल की रिटेल प्राइस केंद्र और राज्य सरकार के टैक्स के बाद तय होती है। ऐसे में हमारे पास ग्राहकों के लिए कोई विकल्प नहीं रह जाता। सरकार टैक्स घटाती है तो कीमतें भी कम हो सकती हैं।

एक्साइज ड्यूटी कलेक्शन से सरकार के फायदा
कंट्रोलर जनरल ऑफ अकाउंट (CGA) के मुताबिक, 2020 के अप्रैल-नवंबर के दौरान पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी कलेक्शन में 48% की बढ़त दर्ज की गई है। यह 1.96 लाख करोड़ रुपए रहा, जो पिछले साल की समान अवधि में 1.32 लाख करोड़ रुपए रहा था।

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