माइक्रोसॉफ्ट का अलर्ट: सॉफ्टवेयर की मदद से सर्वर को टारगेट कर रहा चीन; एजुकेशन, डिफेंस और हेल्थ समेत इन ऑर्गनाइजेशन को खतरा

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नई दिल्लीएक मिनट पहले

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अमेरिकन टेक कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने चीन से होने वाले नए साइबर अटैक को लेकर अलर्ट किया है। उसने कहा है कि चीन सॉफ्टवेयर की मदद से सर्वर को टारगेट कर रहा है। इसे हफनियम कहा जा रहा है। इससे बीमारी की रिसर्च करने वाली फर्म, लॉ फर्म, हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशन, डिफेंस कॉन्ट्रेक्टर्स, पॉलिसी फर्म, एनजीओ जैसी संगठन पर साइबर अटैक हो रहा है।

माइक्रोसॉफ्ट में कस्टमर और ट्रस्ट के कॉर्पोरेट वाइस प्रेसिडेंट, टॉम बर्ट ने कहा, “हफनियम चीन में स्थित है। यह मुख्य रूप से अमेरिका में लीज वर्चुअल प्राइवेट सर्वर (VPS) का ऑपरेट करता है।”

इस तरह किया जा रहा टारगेट
माइक्रोसॉफ्ट थ्रेट इंटेलिजेंस सेंटर (MSTIC) ने इस बात का पता लगाया है कि हफनियम किसी एक्सचेंज सर्वर तक पहुंचने से पहले पासवर्ड चुराता है। दूसरा, ये एक ऐसे वेब शेल बनाता है जिससे सर्वर को रिमोटली कंट्रोल किया जा सके। तीसरा, यह उस रिमोट एक्सेस का उपयोग करता है, जो यूएस-बेस्ड प्राइवेट सर्वर से चलता है।

नया सिक्योरिटी अपडेट जारी किया
कंपनी ने ग्राहकों की सुरक्षा के लिए एक्सचेंज सर्वर के लिए सिक्योरिटी अपडेट जारी किया है। ये अपडेट सभी एक्सचेंज सर्वर ग्राहकों को तुरंत लागू करने के लिए प्रोत्साहित करती है। पिछले 12 महीनों में यह आठवीं बार है जब माइक्रोसॉफ्ट ने सार्वजनिक रूप से सिविल सोसायटी की महत्वपूर्ण संस्थानों को टारगेट करने वाले ग्रुप का खुलासा किया है।

2020 के चुनाव भी हुए टारगेट
बर्ट ने कहा, “एक्सचेंज सर्वर मुख्य रूप से बिजनेसेस कस्टमर्स द्वारा उपयोग किया जाते हैं। हमारे पास अभी कोई सबूत नहीं है कि हफनियम की एक्टिविटी से इंडीविजुअल कंज्यूमर या किसी दूसरे माइक्रोसॉफ्ट प्रोडक्ट को टारगेट किया है। हमने जो गतिविधि का खुलासा किया है उसमें कोविड-19 से लड़ने वाली हेल्थ ऑर्गनाइजेशन, राजनीतिक अभियानों और 2020 के अन्य चुनाव को टारगेट किया गया है।”

जनवरी में हुआ था खुलासा
जनवरी में माइक्रोसॉफ्ट ने माना था कि रूसी हैकर्स ने कई एंटरप्राइजेस और सरकारी एजेंसियों को साइबर हमले से नुकसान पहुंचाया था। हैकर्स ने सोलरविंड्स कोड की मदद से इन एक्टिविटी को अंजाम दिया था। माइक्रोसॉफ्ट ने पाया कि उसके सिस्टम में घुसपैठ की गई थी।

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