यूटीआई के आईपीओ को निवेशकों ने नहीं दिया रिस्पांस, मझगांव डाक और लिखिता इंफ्रा का आईपीओ कुछ ही घंटों में पूरी तरह से भरा

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मुंबई7 घंटे पहले

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बता दें कि इस महीने के ये तीनों अंतिम आईपीओ हैं। सितंबर महीना आईपीओ के लिहाज से बेहतर रहा है

  • मझगांव डाक के आईपीओ में रिटेल निवेशकों का हिस्सा 5 गुना से ज्यादा भरा है
  • यूटीआई में रिटेल का हिस्सा महज 51 प्रतिशत भरा जबकि लिखिता में 2 गुना से ज्यादा भरा है

यूटीआई म्यूचुअल फंड के आईपीओ को पहले दिन निवेशकों की ओर से कोई अच्छा रिस्पांस नहीं मिला है। यह आईपीओ पहले दिन महज 27 प्रतिशत भरा है। मझगांव डाक का आईपीओ 2.09 गुना भरा है। जबकि लिखिता इंफ्रा का आईपीओ 1.10 गुना भरा है। यह दोनों आईपीओ पहले ही घंटे में पूरी तरह से भर गए। इसमें रिटेल निवेशकों ने अच्छी दिलचस्पी दिखाई है।

क्यूआईबी और एनआईआई हिस्सा भी भरा

स्टॉक एक्सचेंज के आंकड़ों के मुताबिक लिखिता इंफ्रा के आईपीओ में रिटेल का हिस्सा 2.9 गुना भरा है। जबकि क्यूआईबी का हिस्सा 1.8 प्रतिशत भरा है। एनआईआई का हिस्सा 84.95 प्रतिशत भरा है। इसी तरह मझगांव डाक के आईपीओ में रिटेल का हिस्सा 5.65 गुना भरा है। क्यूआईबी का हिस्सा 4 प्रतिशत और एनआईआई का हिस्सा 78 प्रतिशत भरा है। यह तीनों आईपीओ गुरुवार को बंद होंगे। यूटीआई में रिटेल का हिस्सा 55 प्रतिशत भरा है।

आईपीओ का प्राइस बैंड और साइज

यूटीआई म्यूचुअल फंड ने आईपीओ के लिए 552 से 554 रुपए प्रति शेयर का भाव तय किया है। जबकि मझगांव डाक ने 135 से 145 रुपए का भाव तय किया है। लिखिता इंफ्रास्ट्रक्चर के आईपीओ का भाव 117 से 120 रुपए तय किया गया है। यूटीआई करीबन 2,160 करोड़ रुपए, लिखिथा इंफ्रा 61.20 करोड़ रुपए और मझगांव डाक 444 करोड़ रुपए जुटाएगी। इस तरह तीनों कंपनियां मिलाकर 2,660 करोड़ रुपए के करीब बाजार से जुटाएंगी।

अलॉटमेंट सात अक्टूबर को

इन तीनों कंपनियों के आईपीओ के शेयरों का अलॉटमेंट 7 अक्टूबर को होगा। 9 तक यह फाइनल होगा। लिस्टिंग 12 अक्टूबर को होगी। मझगांव डाक का रेवेन्यू 31 मार्च 2020 तक 162.79 करोड़ रुपए रहा है। यह सरकारी कंपनी है। शुद्ध लाभ की बात करें तो यह 19.87 करोड़ रुपए रहा है। एक साल पहले इसका रेवेन्यू 140 करोड़ रुपए था। यूटीआई म्यूचुअल फंड देश की आठवें नंबर की म्यूचुअल फंड कंपनी है।

इसके रेवेन्यू और लाभ में लगातार गिरावट दिखी है। इसका रेवेन्यू 2019 में 1,080 करोड़ और 2020 में 896 करोड़ रुपए रहा है। शुद्ध लाभ इसी अवधि में 347 करोड़ रुपए से घटकर 275 करोड़ रुपए पर आ गया है। कंपनी कभी पहले नंबर की एएमसी होती थी। लेकिन यह अब आठवें नंबर की म्यूचुअल फंड कंपनी बन गई है।

इस हफ्ते कैम्स और केमकॉन का शेयर लिस्ट होगा

पिछले हफ्ते बंद हुए केमकॉन स्पेशियालिटी और कैम्स का शेयर इस हफ्ते लिस्ट होगा। इसमें केमकॉन की लिस्टिंग में दोगुना मुनाफा मिलने की उम्मीद है। हालांकि कैम्स का शेयर भी अच्छा मुनाफा देगा। इस तरह जहां एक ओर आपको निवेश का मौका मिलेगा इस हफ्ते वहीं दूसरी ओर जिन लोगों ने पिछले हफ्ते निवेश किया होगा, इस हफ्ते उन्हें कमाने का मौका मिला है। केमकॉन का आईपीओ 149 गुना और कैम्स का 47 गुना भरा था।

इस महीने में 8 हजार करोड़ कंपनियों ने आईपीओ से जुटाया

बता दें कि इस महीने के ये तीनों अंतिम आईपीओ हैं। सितंबर महीना आईपीओ के लिहाज से बेहतर रहा है। इसमें 8 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि आईपीओ के माध्यम से कंपनियों ने जुटाई है। निवेशकों को अभी तक लिस्टिंग में अच्छा फायदा हुआ है। ऐसे में निवेशक अब इन तीनों आईपीओ पर नजर रखेंगे। कैम्स के आईपीओ को 47 गुना और केमकॉन को 149 गुना रिस्पांस मिला है।

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