सुशांत की बहन की याचिका हाईकोर्ट में खारिज: रिया चक्रवर्ती के वकील ने कहा- ऐसा लगता है रिया के आंसुओं और सच्चाई की जीत हुई

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10 घंटे पहले

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सोमवार को बॉम्बे हाईकोर्ट ने सुशांत सिंह राजपूत की बहन मीतू सिंह के खिलाफ दर्ज FIR निरस्त करने के आदेश दिए। हालांकि, सुशांत की दूसरी बहन प्रियंका के खिलाफ FIR रद्द करने से इनकार कर दिया। रिया चक्रवर्ती के वकील सतीश मानशिंदे ने हाईकोर्ट के इस फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने इसे रिया चक्रवर्ती के आंसुओं की जीत बताया है।

मानशिंदे ने अपने बयान में कहा, “बॉम्बे हाईकोर्ट के जस्टिस शिंदे और जस्टिस कार्णिक ने प्रियंका सिंह द्वारा लगाई गई वह याचिका खारिज कर दी है, जिसमें उन्होंने रिया चक्रवर्ती द्वारा उनके खिलाफ जालसाजी और NDPS एक्ट के अंतर्गत दर्ज कराई गई FIR रद्द करने की मांग की थी। हम फैसले से संतुष्ट हैं। ऐसा लग रहा है कि न्याय और सच्चाई के लिए बहे रिया चक्रवर्ती के आंसुओं की जीत हुई है। सत्यमेव जयते।”

रिया ने तीन लोगों पर केस किया था

रिया चक्रवर्ती ने राम मनोहर लोहिया अस्पताल के डॉ. तरुण कुमार और सुशांत की दो बहनों प्रियंका और मीतू के खिलाफ मुंबई के बांद्रा पुलिस स्टेशन में केस दर्ज कराया था। तीनों पर फर्जी मेडिकल प्रिस्क्रिप्शन बनाकर सुशांत के लिए दवा देने का आरोप लगाया गया था। इस केस को सुशांत की बहनों ने ​नवंबर 2020 में बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। उन्होंने ‌वकील माधव थोराट के जरिए दाखिल की गई अर्जी में दावा किया था कि सुशांत के लिए दवाएं डॉक्टर ने ही लिखी थीं। उन्होंने कोई जुर्म नहीं किया है।

पिछले साल हुई सुशांत की मौत

सुशांत सिंह राजपूत का शव 14 जून 2020 को मुंबई के बांद्रा में उनके घर में पंखे से लटका मिला था। जांच में मुंबई पुलिस ने बताया था कि वे डिप्रेशन के शिकार थे और उन्‍होंने आत्महत्या की है। हालांकि, इस पूरे मामले में कई महीनों तक विवाद जारी रहा।

मौत के 15 दिन बाद सुशांत के पिता कृष्ण कुमार सिंह ने रिया चक्रवर्ती पर उनके बेटे को आत्महत्या के लिए उकसाने और उनके बैंक खाते से 15 करोड़ रुपए की हेराफेरी का आरोप लगाते हुए पटना में FIR कराई थी। बिहार सरकार की अर्जी के बाद सुप्रीम कोर्ट ने मामले की जांच CBI को सौंप दी थी, जो अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है।

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