US Coronavirus Vaccine China | US Coronavirus Vaccine Research and Development (COVID-19 Vaccine) In University of North Carolina China Try To Steal Data. | अमेरिका की कोरोना वैक्सीन का रिसर्च डेटा चुराने की साजिश रच रहे चीन और रूस, अमेरिका ने सुरक्षा की पुख्ता तैयारी की

  • Hindi News
  • International
  • Us elections
  • US Coronavirus Vaccine China | US Coronavirus Vaccine Research And Development (COVID 19 Vaccine) In University Of North Carolina China Try To Steal Data.

वॉशिंगटन2 घंटे पहलेलेखक: जूलियन बार्नेस, माइकल वेनुटोलो

  • कॉपी लिंक

फोटो यूनिवर्सिटी ऑफ नॉर्थ कैरोलिना की है। यहां कोरोना वैक्सीन पर रिसर्च चल रही है। अमेरिकी खुफिया एजेंसी ने इस यूनिवर्सिटी को कई अलर्ट भेजकर बताया है कि चीन और रूस वैक्सीन रिसर्च और डेवलपमेंट डेटा चुराने की कोशिश कर रहे हैं। इससे निपटने के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। (फाइल फोटो)

  • अमेरिका के कई शहरों और यूनिवर्सिटीज में वैक्सीन पर रिसर्च चल रहा है
  • नॉर्थ कैरोलिना यूनिवर्सिटी को एफबीआई ने वैक्सीन सेफ्टी पर अलर्ट किया है

अमेरिकी इंटेलिजेंस ने एक बार फिर कहा है कि रूस और चीन अमेरिका की वैक्सीन रिसर्च और डेवलपमेंट का डेटा चुराने की साजिश में जुटे हैं। अमेरिका में फाइजर समेत कुछ कंपनियां वैक्सीन तैयार कर रही हैं। नॉर्थ कैरोलिना यूनिवर्सिटी के अलावा कई हाईटेक लैब्स में रिसर्च चल रही है। चीन और रूस की खुफिया एजेंसियां रिसर्च का डेटा चुराने की भरसक कोशिश कर रही हैं। ब्रिटेन की इंटेलिजेंस एजेंसी ने फाइबर ऑप्टिक्स केबल्स के एनालिसिस के बाद इसका खुलासा किया था। ईरान भी इसी चोरी में शामिल होने का शक है।

मोटे तौर पर देखें तो दुनिया का हर विकसित देश ये जानना चाहता है कि दूसरे देश वैक्सीन पर किस तरह आगे बढ़ रहे हैं। इसके लिए खुफिया एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। अमेरिका ने भी अपने वैक्सीन रिसर्च और डेवलपमेंट के डेटा को चोरी होने से बचाने के लिए पुख्ता तैयारी की है। नाटो का इंटेलिजेंस नेटवर्क भी इसमें मदद कर रहा है।

चीन क्या कर रहा है
अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट के आला अधिकारी जॉन डिमर्स ने पिछले हफ्ते कहा था- जिस डेटा को चुराने की साजिश रची जा रही है, वो आर्थिक और सैन्य लिहाज से बेशकीमती है। हम जानते हैं कि ये काम कौन कर रहा है। ट्रम्प डब्ल्यूएचओ की फंडिंग बंद कर चुके हैं और उसे चीन की कठपुतली बता चुके हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी अफसरों को चीन की हरकत की जानकारी मार्च में ही मिल गई थी। उन्हें शक है कि डब्ल्यूएचओ चीन की साजिश में शामिल है।

हर साजिश नाकाम रही
एफबीआई ने चीन की अब तक हर कोशिश को नाकाम किया है। यूएनसी की प्रवक्ता लेस्ली मिंटन ने पिछले दिनों कहा था- खुफिया एजेंसियां हमें खतरे के बारे में अलर्ट भेजती हैं। हम सभी बायोटेक्नोलॉजी लैब्स को इस बारे में बताते हैं। हम जानते हैं कि इस साजिश में वहां की सरकारें भी शामिल हैं। ब्रिटेन की इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस एजेंसी जीसीएचक्यू ने अमेरिका को रूस की साजिश के बारे में भी बताया था। इसके बाद होमलैंड सिक्योरिटी और एफबीआई एक्टिव हुईं।

कोरोना वैक्सीन से जुड़ी आप ये खबर भी पढ़ सकते हैं…

कोविड-19 वैक्सीन ट्रैकर:अमेरिका में राजनीतिक दबाव के आगे नहीं झुकेंगी दवा कंपनियां; सेफ और इफेक्टिव होने पर ही लॉन्च होगी वैक्सीन

0

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *